राष्ट्रीय
नीट परीक्षा रद्द होने के बाद राजस्थान में बढ़ा सियासी तनाव बीजेपी कांग्रेस आमने सामने


NEET UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक मामले सामने आने के बाद रद्द कर दिया गया है। इस फैसले के बाद देशभर में मेडिकल प्रवेश की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों और उनके परिवारों में चिंता और नाराजगी का माहौल बन गया है। परीक्षा रद्द होने के साथ ही सरकार ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने कहा है कि नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी। यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ा शिक्षा विवाद बन गया है।
इस मामले ने राजस्थान की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि पेपर लीक मामले में शामिल एक आरोपी का संबंध भारतीय जनता पार्टी से होने के कारण कार्रवाई में देरी की गई। विपक्ष ने दावा किया है कि सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया गया है।

जांच एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। महाराष्ट्र से शुरू होकर यह मामला हरियाणा और राजस्थान समेत करीब सात राज्यों तक पहुंचा। जांच में सामने आया है कि एक संगठित गिरोह इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। कुछ लोगों ने कथित तौर पर लाखों रुपये लेकर प्रश्न पत्र छात्रों तक पहुंचाए। कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे लगातार पूछताछ जारी है।
सरकार द्वारा सीबीआई जांच सौंपे जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता और अन्य कानूनों के तहत केस दर्ज कर लिया है। कई विशेष टीमों को अलग अलग राज्यों में भेजा गया है। एनटीए ने कहा है कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी लेकिन तारीख जल्द घोषित होगी। इस पूरे घटनाक्रम से छात्रों में असमंजस और मानसिक दबाव बढ़ गया है। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है।